Thursday, January 01, 2009

एक जनवरी ऐसी भी....

नाज़िम नक़वी ने बैठक पर एक मेल किया...लगा, नये साल का संदेश होगा....मगर मेल में एक तसवीर थी...मोबाईल से ली गयी है....थोड़ी धुंधली है..मगर,नये साल को अलग ढंग से मनाने के लिए बैठक पर हमें ये तसवीर छापना मुनासिब लगा....आप भी देखें
संपादक




पूरी दुनिया नये साल की तैयारियों में मस्त
कंपकंपा देने वाली ठंड में
कोट, स्वेटर और मफलरों में समाये हुए लोग
उसी शाम राजधानी का एक सड़क पर
धूल भरी ज़िंदगी को खिलौना बनाने में व्यस्त
ये भी हमारा ही भविष्य है...
नाज़िम

अगर आप भी तसवीरों के ज़रिये बैठक से जुड़ना चाहते हैं तो आपका स्वागत है.....अपने कैमरे से कोई भी तसवीर कैद करें और भेज दें baithak.hindyugm@gmail.com पर....ध्यान रखें, तसवीरें समाज के किसी भी पहलू पर कुछ बोलती भी हों....
संपादक

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3 बैठकबाजों का कहना है :

तपन शर्मा का कहना है कि -

इस सत्य को न भूलकर हम आगे बढ़ें तो शायद इस देश के लिये अच्छा होगा।
अगर नये साल में हमारा एक प्रयास भी इनके लिये काम आये तो समझो ये साल सफल!!!

सजीव सारथी का कहना है कि -

इस भविष्य को संवारना भी हमारी ही जिम्मेदारी है

प्रभात शारदा का कहना है कि -

From where they get so much of energy which negligible the effects of all odd things in their life?

And we always call GOD for saving ourselves despite of having plenty of measures and precautions. Many of us even don't want to see them, notice them, and turn their faces.

The thing is that they are so inspirational that many find themselves very hard to accept such things in their lives, as it will throw them from their comfort zones.

I think, its just all the will power which we, many times, lack. My heart wants to Salute! him.

Jai Hind.

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