आप एक व्यक्ति को देख रहे हैं, यह व्यक्ति कमर से आधा झुका हुआ है । आप कयास लगाते हैं कि या तो अब वह बैठने वाला है, या तो सीधा खडा होने वाला है! लेकिन वह आगे कोई भी हरकत नहीं करता, वैसा ही आधा झुका हुआ रहता है। इसे ज्योतिषी कहते है। थोडी ही देर बाद उसे आस-पास कुर्सी नजर आती है तो वह बैठ जाता है और कहता है 'मै बस! बैठने ही वाला था' उसे सडक दिखाई देती है तो सीधा हो कर चलना शुरु कर देता है। कहता है 'मै बस..जाने ही वाला था' उसे नदी या तालाब दिखाई देता है, तो सीधे उसमें छ्लांग लगा कर कहता है - 'मैं नहाने की ही सोच रहा था' इस तरह से यह ज्योतिषी चौतरफा देखते हुए सबसे नजदीकी तत्व के साथ सांठ-गांठ बना लेता है। मेरे कहने का मतलब साफ है, ज्योतिषियों की भविष्यवाणी अधर में लटकी होती है ।'होने' से या ' नहीं होने' से ज्यादा होने और न होने की 'संभावना' पर विशेष जोर दिया जाता है। उनकी भविष्यवाणी के मुताबिक घटित होता ही है! 'संभावना' का बखूबी इस्तेमाल जो किया होता है। मुझे याद है...कुछ ही साल पहले मैंने एक चैनल पर प्रख्यात ज्योतिषी बेजान दारुवाला का प्रोग्राम देखा था। तब ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की होने वाली या ना होने वाली शादी की चर्चा जोरों पर थी! समाज का एक वर्ग मान कर चल रहा था कि यह शादी अवश्य होगी और दूसरा वर्ग मान रहा था कि यह शादी नहीं हो सकती । चैनलों को बदलते हुए मैं इस चैनल पर रुक गई...बेजान दारुवाला बताने वाले थे कि यह शादी होगी या नही। टी.वी एंकर ने उनसे यही सवाल सीधे तरीके से पूछा। ज्योतिषी बेजान दारुवाला पहले इधर-उधर की बातें करने लगे। फिर ब्रेक तो बीच में आना ही आना था, हम भी कहीं नहीं गए... फिर बेजान दारुवाला हंसते हुए छोटे परदे पर आए...बोले "अभिषेक और ऐश्वर्या राय की शादी की संभावना क्षीण है... अगर शादी हुई तो दिसम्बर के आसपास हो सकती है!"... भविष्यवाणी हमने भी सुन ली और उस समय वह चैनल लगा कर बैठे अन्य लोगों ने भी सुन ली। यह भी दिसम्बर महीना था, मतलब अगर शादी हुई तो एक साल बाद होने वाली थी। तब तक खैर! हमें इंतजार ही करना था.... लेकिन इंतजार ज्यादा नहीं करना पडा... दो महीने बाद ही फरवरी में अभिषेक और ऐश्वर्या की शादी हो गई!
अब ज्योतिषी बेजान दारूवाला ने क्या भविष्यवाणी की थी? ऐसी भविष्यवाणी हम या आप भी कर सकते थे... शादी होने की संभावना क्षीण होने का मतलब ...'हां' भी हो सकता है और 'ना' भी हो सकता है!.. घटना घटित हुई तो भी हमारी भविष्यडवाणी सही कहलाएगी और नहीं हुई तो भी हम सही ही कहलाएंगे। आपने भी ऐसे भविष्यवाणियां नोट की होंगी!
किसी ने भी डंके के जोर पर..अमेरिका के ट्विन टावर पर हवाई हमला, अक्षरधाम पर हमला, मुंबई में बम-ब्लास्ट या ट्रेन या हवाई हादसों की भविष्यवाणी की नहीं थी!... क्यों?
अब 'पॉल' नामक ऑक्टोपस और' मनी' नामक तोता भविष्यवाणियां कर रहे हैं... कम से कम वे 'यस' या 'नो' में जवाब तो दे रहे है...संभावित ज्योतिषियों की तरह 'संभावना' की बात तो नहीं कर रहे... आप क्या कहना चाहेंगे?.
डॉ अरुणा कपूर

मार्कण्डेय